गुरुवार, अक्तूबर 18, 2018


Introduction to Agar ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व

अच्छे मौसम एवं पानी की अधिक मात्रा में उपलब्धता के कारण भारत की स्वतन्त्राता के समय आगर एक छावनी क्षेत्र था। आगर (मालवा) मे पर्यटकों के आकर्षण के कई स्थान है। कस्बे में एक बड़ी झील मोती सागर है। यह कस्बे के दक्षिण में स्थित है। यह एक पिकनिक स्थल है और साधारणतया स्वच्छ पानी से भरी रहती है। इस झील के किनारे सुन्दर मन्दिर बनाये गये हैं। दूसरी झील रातड़िया सागर कस्बे के बीच में स्थित है और घरों, दुकानों और दूसरे भौतिक स्वरूपों से घिरी हुई है। प्रदूषण के कारण इस झील का पानी गन्दा हो रहा है। शहर मे पुराना बैजनाथ महादेव, तुलजा भवानी, कवड़ा स्वामी (काल भैरव मन्दिर) कमल कुन्ड़ी एवं बड़े गणेशजी मन्दिर स्थित है। इनमें बैजनाथ मन्दिर बहुत प्रसिद्ध है। यह पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है जहाँ वर्षा ऋतु में अधिकतम पर्यटक पूजा करने व पिकनिक के लिये आते हैं। कहा जाता है कि यह एक प्राचीन मन्दिर है जिसका निमार्ण 1849 में कराया गया था। इसका पुर्न-निर्माण एक सैनिक लेफ्टीनेंट कर्नल मार्टिन की पत्नि द्वारा कराया गया था।

Location and Climate of Agar भौगोलिक स्थिति

आगर, मध्य प्रदेश का एक सुन्दर शहर है जो 23”7’ उत्तरी अक्षांश एवं 76”2’ पूर्वी देशान्तर पर स्थित है। इसकी समुद्रतल से ऊंचाई 505 मीटर है। इसका क्षेत्राफल 5 वर्ग किमी. है। यह इन्दौर-कोटा राजमार्ग संख्या 27 पर स्थित है। प्रान्तीय सड़क संख्या 41 इस शहर को मध्य प्रदेश के सारंगपुर शहर से दक्षिण पूर्व दिशा में जोड़ती है। यह शहर उज्जैन से 67 किलो मीटर एवं जिला मुख्यालय सारंगपुर से 65 किलो मीटर दूरी पर स्थित है। यह राजस्थान के औद्योगिक शहर कोटा से 200 किमी दूरी पर स्थित है। मंदसौर एवं बड़ौद होते हुए यह शहर उत्तर पश्चिम दिशा में नीमच से सड़क द्वारा जुड़ा हुआ है। इसके निकटतम रेलवे स्टेशन उज्जैन और शाजापुर है जो कस्बे से 65 किमी की दूरी पर स्थित है।

Connectivity to Agar सम्पर्क

आगर शहर राज्य राजमार्ग संख्या 27 एवं 41 द्वारा उत्तर में झालावाड़, दक्षिण पश्चिम में उज्जैन, दक्षिण पूर्व में सुजालपुर एवं मन्दसोर एवं उत्तर पश्चिम में बड़ौद होते हुए नीमच से जुड़ा है। यहाँ रेल मार्ग नहीं है। निकटतम रेलवे स्टेशन उज्जैन एवं सारंगपुर है।
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